माँ की कथा
सिद्धिदात्री का अर्थ है सिद्धियाँ देने वाली देवी। मान्यता है कि भगवान शिव ने भी उन्हीं की कृपा से सिद्धियाँ पाईं, और उनका आधा शरीर देवी का हो गया, जिससे वे अर्धनारीश्वर कहलाए। माँ कमल पर विराजमान हैं और उनका वाहन सिंह है। उनके चार हाथों में चक्र, शंख, गदा और कमल हैं। देवता, ऋषि और आम भक्त, सभी उनकी पूजा करते हैं। नौ दिन की पूजा का फल इसी दिन पूरा माना जाता है।
पूजा कैसे करें
माँ को तिल का भोग लगाएँ। कई परिवार आज हलवा, पूरी और चने का प्रसाद बनाते हैं और कन्या पूजन करते हैं। हवन करके नवरात्रि का समापन करें और अगले दिन व्रत का पारण करें।
मंत्र
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः
शुभकामना संदेश
माँ सिद्धिदात्री आपके हर सपने को सच करें। महानवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ!
नौ दिन की भक्ति का फल आपके जीवन में खुशियों के रूप में मिले। जय माँ सिद्धिदात्री!
आपका हर काम सिद्ध हो और हर राह आसान हो। शुभ नवमी और आने वाले दशहरे की शुभकामनाएँ!