दिन 7

माँ कालरात्रि

सातवें दिन माँ कालरात्रि की पूजा होती है। उनका रूप भयंकर है, लेकिन भक्तों के लिए वे हमेशा शुभ फल देने वाली हैं।

तारीख
17 अक्टूबर 2026, शनिवार
आज का रंग
ग्रे (स्लेटी)
भोग
गुड़

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कार्ड का डिज़ाइन

रील में उस दिन की देवी की कथा, भोग, आपकी चुनी शुभकामना और आपका नाम होता है। आवाज़ कंप्यूटर से बनी है। आपका नाम आवाज़ में नहीं, स्क्रीन पर दिखता है।

माँ की कथा

माँ कालरात्रि का रंग रात के अंधकार जैसा गहरा है, बाल खुले हैं और उनकी तीन आँखें हैं। कथा के अनुसार रक्तबीज नाम के राक्षस के खून की हर बूँद से नया राक्षस पैदा हो जाता था। तब माँ ने कालरात्रि रूप लेकर उसका अंत किया। उनका वाहन गधा है। भयंकर रूप होने के बावजूद वे भक्तों को हमेशा शुभ फल देती हैं, इसलिए उन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है। उनकी पूजा से डर, बुरी शक्तियाँ और नकारात्मकता दूर होती है।

पूजा कैसे करें

माँ को गुड़ का भोग लगाएँ और रात रानी या लाल फूल चढ़ाएँ। इस दिन रात में भी दीपक जलाने की परंपरा है। मंत्र जप करके घर की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।

मंत्र

ॐ देवी कालरात्र्यै नमः

शुभकामना संदेश

  • माँ कालरात्रि आपके जीवन के हर अंधेरे को उजाले में बदल दें। नवरात्रि के सातवें दिन की शुभकामनाएँ!

  • जिसके साथ माँ शुभंकरी हों, उसे किसी बात का डर नहीं। जय माँ कालरात्रि!

  • गुड़ की मिठास और माँ का आशीर्वाद आपके घर में हमेशा रहे। शुभ नवरात्रि!

आज की व्रत रेसिपी

  • शकरकंद चाट
  • कुट्टू का चीला
  • राजगिरा-गुड़ के लड्डू

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