दिन 4: माँ कूष्मांडा
साबूदाना वड़ा, व्रत की नारियल चटनी, केले के मालपुए
कितने लोगों के लिए
नाप घर के सामान्य हिसाब से अंदाज़ा है। अपनी भूख और स्वाद के अनुसार थोड़ा कम-ज़्यादा कर सकते हैं।
1. साबूदाना वड़ा
सामग्री
- साबूदाना50 ग्राम
- उबले आलू100 ग्राम
- भुनी मूँगफली (दरदरी पिसी)25 ग्राम
- हरी मिर्च (बारीक कटी)1 नग
- अदरक (कसी हुई)5 ग्राम
- हरा धनिया (कटा)1 बड़ा चम्मच
- नींबू का रस1 छोटा चम्मच
- सेंधा नमकस्वाद अनुसार
- तलने के लिए घी या मूँगफली का तेलज़रूरत अनुसार
बनाने का तरीका
- साबूदाने को धोकर 5-6 घंटे भिगोएँ (साबूदाना खिचड़ी की तरह)। पानी पूरी तरह निकाल दें।
- उबले आलू मसलें और उसमें साबूदाना, मूँगफली, हरी मिर्च, अदरक, धनिया, नींबू का रस और सेंधा नमक मिलाएँ।
- हाथों पर थोड़ा पानी लगाकर मिश्रण से 4 चपटे वड़े बनाएँ।
- तेल मध्यम गरम करें और वड़ों को 4-5 मिनट सुनहरा-कुरकुरा होने तक तलें। तेल बहुत गरम होगा तो वड़े फट सकते हैं। नारियल की चटनी के साथ परोसें।
2. व्रत की नारियल चटनी
सामग्री
- कसा हुआ ताज़ा नारियल40 ग्राम
- भुनी मूँगफली (दरदरी पिसी)10 ग्राम
- हरी मिर्च (बारीक कटी)1 नग
- अदरक (कसी हुई)3 ग्राम
- गाढ़ा दही2 बड़ा चम्मच
- सेंधा नमकस्वाद अनुसार
- पानीज़रूरत अनुसार
- घी1 छोटा चम्मच
- जीरा¼ छोटा चम्मच
बनाने का तरीका
- नारियल, मूँगफली, हरी मिर्च और अदरक को थोड़ा पानी डालकर पीस लें।
- पिसे मिश्रण में दही और सेंधा नमक मिलाएँ। ज़रूरत हो तो पानी डालकर गाढ़ापन ठीक करें।
- छोटे पैन में घी गरम करके जीरा चटकाएँ और चटनी के ऊपर डालें।
3. केले के मालपुए
सामग्री
- पका केला1 नग
- कुट्टू का आटा40 ग्राम
- फुल क्रीम दूध60 मि.ली.
- चीनी50 ग्राम
- पानी40 मि.ली.
- इलायची पाउडर1 चुटकी
- तलने के लिए घी या मूँगफली का तेलज़रूरत अनुसार
- कटे हुए काजू-बादाम-पिस्ता5 ग्राम
बनाने का तरीका
- चाशनी: चीनी और पानी को 4-5 मिनट उबालें जब तक हल्की चिपचिपी न हो जाए। इलायची डालकर गरम रखें।
- केले को अच्छी तरह मसलें, उसमें कुट्टू का आटा और दूध मिलाकर गाढ़ा, बहने वाला घोल बनाएँ। 10 मिनट रखें।
- छिछली कड़ाही में घी मध्यम गरम करें। एक छोटा कलछी घोल डालें, वह अपने-आप फैल जाएगा।
- धीमी-मध्यम आँच पर दोनों तरफ़ सुनहरा होने तक तलें। निकालकर 1 मिनट गरम चाशनी में डुबोएँ।
- मेवे डालकर परोसें। यह माँ कूष्मांडा के भोग के लिए भी बनाया जा सकता है।